नयकवा - बाबा भिखारी गोस्वामी
सूतल रहती हम सैंया सुख-सेजिया से, सपना देखलि अजगुत रे नयकवा । जब-जब मन परे नैना से नीर ढरे, धर-थर कॉंपेला करेज रे नयकवा। बेटी अनबोलता के मँग...
सूतल रहती हम सैंया सुख-सेजिया से, सपना देखलि अजगुत रे नयकवा । जब-जब मन परे नैना से नीर ढरे, धर-थर कॉंपेला करेज रे नयकवा। बेटी अनबोलता के मँग...
नदिया किनार एक ठे चिता घुंघुआले, लुतिया उड़ि-उड़ि गगनवा में जाय। लहकि-लहकि चिता लकड़ी जलावै, धधकि-धधकि नदी के सनवा दिखाये। आइ के बतास अगियन ...
अब हम चरखा चलइबै अरे सावनवां॥ मनवां बोवइबै, रूई उपजइबै, धुनियां से रुइया धुनइबै॥ अरे। बढ़ई बोलाइ चरखा बनवइबै, दिन रात सुतवा कतइबै॥ अरे। खट्ट...
भूप द्वारा बाज़त बधाई रे, हाँ रे बधाई रे, भये चार ललनवाँ॥ राजाजी लुटावे हाँ अन धन सोनवाँ, हाँ अन धन सोनवाँ, कोसिला लूटावे घेनु गाई॥ भये चार ...
अइले बसन्त महँकी फइललि बाय दिगन्त, भइया धीरे-धीरे बहेली बयारि। फूलैलें गुलाब, फुलै उजरी बेइलिया, अमवाँ के डरियन पर बोलैली कोइलिया। बोलैले पप...
धरती अकास आजु मिले गरवा डार कतहीं मिले ना सँवरिया हमार, सखिया! थाके रहिया निहार दूनो अँखिया उघार नाही आवे निरमोहिया हो मोरे रखवार उठे जीयरा ...
फूल खिले लागल, सुख मिले लागल, अब बुझाता बसन्त मधुमास आ गइल। कहीं कलि पर अलि बिहार करता, कोइलरियो के दिल में हुलास आ गइल। फूल खिले लागल ……….॥...
जवानी जोश के आगार होला लबालब प्रेम-पारावार होला। डगर में पाँव थम-थम के उठाईं अनेसा बहके के हर बार होला। धरेला ठीक से पतवार सेही मजे में पार ...
अपुसे के रार में हेराइ गइल बखरा, टुकी- टुकी घरवार हाय रे बखरा। देसा-देसी घूमि सब शहरे पराइल गाँव के पिरितिया दुकहवाँ हेराइल गाँव ना भइल भइल ...
कवने सुगना पे गोरी तू लुभा गइलू हो। कवने सुगना पे… उड़ि-उड़ि ऊँचे अकसवा में बोले, पंख पसारे पवन संग डोले, अइसना से नेहिया लगा गइल हो। कवने स...
सरगम-सरगम गूँजे गीत के लहरिया, पोर-पोर बाजि उठे, प्रीत के बंसुरिया। लय पऽ लय बांधि गइल छंद-छंद ढल के, ताल-ताल पऽ लहरे, कंठ से निकल के, जिनिग...
अब ना सहात बा, कोइलिया के बोलिया बोले बसवरिया पर भोर के पहरिया तऽ लागे जइसे गोलिया। अब ना सहात बा……….॥ सेजिया पर लोटेली काली रे नगीनिया, रोज...
कहिया ले अइबऽ मोरे पिया परदेसिया पतिया पेठवत नइखऽ तुहि बाड़ जिनगी के संघतिया कहिया ले अइबऽ..... संघे रातदिन रहे के सपना सजवली तोहरे सुरतिया अ...
ए बेटा सुत जा बाबू, फिर उठिहऽ बिहान, देखिह आपन बाबूजी के, जोतत उनकर खलिहान, मामा के संग खेत घूमिहऽ, हम सबके माथा चुमिहऽ, तोहरे प्यार करे ला ...
गीत जिनिगी के छन-छन, निहार लिखली, जवन पवलीं अँजोर या, अन्हार लिखलीं। केतने गुजरल ना जाने तपन जेठ के, केतने सावन के रिम-झिम फुहार लिखलीं। जवन...
सारी सारी रतिया जगावे। कोईलि तोरी बिरहिन बोलिया। सारी-सारी… एक तऽ डोलावे रामा पूरूबी बयरिया, दूजे सुधि आवे परदेसिया संवरिया, रहि-रहि अगिया ल...
आँतर के बात खुलि के बतावेला चेहरा मत पूछीं, का बवाल मचावेला चेहरा आँखिन से झर के लोर समुन्दर बन भले हुलसत हिया रहेला त गावेला चेहरा अइसन ना ...
लाली-लाली डोलिया हो हमरी दुअरिया पिया मोरा लेईके अइलें संगवाँ में चारि रे कहाँर। पिया मोरा लेईके… अबहीं उमरिया मोरी बारी रे अनारी कि जिया मो...
तरकुल के छाँव में नफरत के गाँव में कतना पैमाल भइल जिन्दगी! पीरा अँगेज के सपना सहेज के बंधक पड़ल बाटे धड़कन करेज के दर्द पोर-पोर ले अँखियन मे...
कइसे चलेलें सुरुज-चनरमा धरतिया हे पिया केकर बनावल? सुरुज-चनरमा चलें अपने गतिया धरतिया हे धनि गति के बनावल। माटी में बोके आपन परनवां फसलिया ह...